B E S A T I P A G H A D I
This is an illustration but some times it happens some guilty conscience feel it worse and fears may be it is for him
एक बार एक महिला एक सिनेमा हॉल पर आई और मेनेजरसे कहा मेरा पति कोई दूसरी औरतको लेकर सिनेमाँ देखने आया है उसे बहार बुलाओ. मेनेजर ने कहा मई उसे पह्चंसकुंगा नहीं मगर मई हल्ल्मे जहेरत कर देताहू की एक आदमी किसी दूसरी औरतको लेकर सिनेमा देखने आया है वो जल्दीसे बहार आ जाये उनकी बीबी बहार उनका इंतजार कर रही है बस थोड़ी ही देरमे सिनेमाक हल्लसे सरे पुरुष भाग गए सिर्फ महिलाए ही बाकि रह गयी ये एक उदहारण है जरा संजो
अपनी पुस्तक आस्था में मैंने एक कलि सूत्र लिखा है ये सूत्र दुर्योधन की आदोदायी और विदुर्जी का अपमान करनेकी उनकी वृत्ति पर लिखा है विदुर जो भी था जैसा भी था वेदव्यासजी का बेटा था सिर्फ दासीपुत्र ही नहीं सबसे तेज और समजदार इन्सान था और हर्हमेसके लिए जो सच है बिना दर रखे बता देता था इसिवाज़ह्से दुर्योधान्द्को वो अप्रिय था और बार बार युवराज उनका अपमान करता था. जब कृष्ण दूत बनाकर ए तब भी उसने ऐसा ही कुछ किया और विदुरके घर सिधु नहीं भेजा ये जतानेके लिए की विदुर हमारा अनाज खता है उसे मेरा कहा सुनना ओऊ मानना पड़ेगा विदुर हमारा सेवक है विदुर तो क्या भीष्म और ड्रोन भी इस राज्यके सेवक है उन सबको मेरा कहा मानना होगा व्यासजीने कहा की अगर द्वापर्मे ये हल है तो कलियुगमे क्या होगा ? ये जतानेके लिए कलिसुत्र लिखा है. ये बिसाती पघदी जो कोई उठा ले उठा शकता है मगर मतलब साफ है
The announcement at cinema hall was only for the person who came with some other lady except his wife and all the persons ran away from next exit door.
GUILTY CONSCIENCE announcement was not for them nor their wives were to inquire for them
Be cool to read the lessons it is just an indication
Aayi bat samajme
with love and affection
papaji
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